सवाल

क्या ऐसा हो सकता है कि जो हमें दिल ओ जान से चाहे , वो ही हमें भूल जाए ? जो वादे करे जीने के साथ , वो हाथ छोड़कर चला जाए? जिसके नाम के साथ जोड़ा हो नाम , वो नाम मिटा दे? जिसको छुआ हो आत्मा से, वो पल भर में मुँह मोड़ ले?

क्या ऐसा हो सकता है?

क्या हो सकता है ऐसा कि नज़र से दूर हो जाने पे वाक़ई दिल से दूर हो जाए? जो बात न हो तो किसी और से बात करके जी बहल जाए? हो जगह है किसी एक की , वो पल में बदल जाए?

क्या ऐसा हो सकता है?

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