क्यूँ ?!?

नींद चुराने वाले पूछते हैं हमसे

……सोते क्यू नही….!!!

हम सिर्फ़ इतना ही कह पाते हीं कि….

इतनी ही फिक्र है तो फिर

…..हमारे होते क्यू नही….?!?!?

जानती हूँ अब मंज़िले मुझे छोड़ गयी,

और रास्ते ने पाल लिया है मुझे

जबसे तूने सोचा है कि…..

….जा ज़िंदगी तेरी ज़रूरत नहीं

मुझे दोस्तो ने संभाल लिया है…!!!.

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